प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। https://alexanderc321sgt7.wikicommunication.com/user